भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 क्या हैं ? BNS Section 21 In Hindi

BNS Section 21 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 21 क्या हैं ( What is BNS Section 21 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 21 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 क्या हैं ? BNS Section 21 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थी उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 में सात साल से ऊपर किंतु बारह साल से कम आयु के अपरिपक्व समझ के बच्चे द्वारा अगर कोई आपराधिक कार्य किया जाता हैं तो वह अपराध हैं की नहीं इसके बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 21 क्या हैं ( What is BNS Section 21 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 में सात साल से ऊपर किंतु बारह साल से कम आयु के अपरिपक्व समझ के बच्चे द्वारा अगर कोई आपराधिक कार्य किया जाता हैं तो वह अपराध हैं की नहीं इसके बारे में जानकारी दी है।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 के अनुसार कोई बात अपराध नहीं हैं, जो सात साल से ऊपर और बारह साल से कम आयु के ऐसे शिशु द्वारा की जाती है जिसकी समझ इतनी परिपक्व नहीं हुई है की वह उस अवसर पर अपने आचरण की प्रकृति और परिणामों का निर्णय कर सकें।

अब इस धारा को हम आपको आसान भाषा में समझाते हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 में ऐसे अपराधिक कार्यों के बारे में बताया गया हैं जो सात साल से बारह साल तक के उम्र के बच्चों द्वारा किए जाते हैं। इस धारा में यह कहा गया हैं की सात साल से बारह साल तक के उम्र के बच्चों के द्वारा अगर कोई आपराधिक कार्य किया जाता हैं तो उन्हें उस अपराध का दोषी नहीं माना जाएगा और उनको उस अपराध की सजा भी नहीं दी जाएगी क्योंकी उनमें वह क्या कार्य कर रहे हैं और उसका परिणाम क्या हो सकता हैं इसके बारे में अंदाजा नहीं होता।

उदाहरण –

अजय यह एक बच्चा हैं और उसकी उम्र आठ साल हैं और यह बच्चा एक दिन मार्केट में सोने की चैन की चोरी करता हैं और चोरी करते हुए पकड़ा जाता हैं। इस मामले में अजय को चोरी के अपराध का दोषी नहीं माना जाएगा क्योंकी अजय की उम्र भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 के अनुसार सात से बारह साल के बीच में हैं। अजय को वह क्या कार्य कर रहा हैं और इसका परिणाम क्या हो सकता हैं इसका अंदाजा नहीं था।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 में सात साल से ऊपर किंतु बारह साल से कम आयु के अपरिपक्व समझ के बच्चे द्वारा अगर कोई आपराधिक कार्य किया जाता हैं तो वह अपराध हैं की नहीं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 क्या हैं ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 के अनुसार कोई बात अपराध नहीं हैं, जो सात साल से ऊपर और बारह साल से कम आयु के ऐसे शिशु द्वारा की जाती है जिसकी समझ इतनी परिपक्व नहीं हुई है की वह उस अवसर पर अपने आचरण की प्रकृति और परिणामों का निर्णय कर सकें।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

Categories BNS

Leave a Comment