भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 क्या हैं ? BNS Section 24 In Hindi

BNS Section 24 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 24 क्या हैं ( What is BNS Section 24 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 24 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 क्या हैं ? BNS Section 24 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थी उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 में किसी व्यक्ती द्वारा, जो मतता में हैं, किया गया अपराध जिसमें विशेष आशय या ज्ञान का होना अपेक्षित हैं इसके बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 क्या है इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।‌

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 24 क्या हैं ( What is BNS Section 24 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 में किसी व्यक्ती द्वारा, जो मतता में हैं, किया गया अपराध जिसमें विशेष आशय या ज्ञान का होना अपेक्षित हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 के अनुसार उन दशाओं में, जहां कि कोई किया गया कार्य अपराध नहीं होता जब तक की वह किसी विशिष्ट ज्ञान या आशय से न किया गया हो, कोई व्यक्ति, जो वह कार्य मतता की हालत में करता हैं, इस प्रकार बरते जाने के दायित्व के अधीन होगा मानो उसे वहीं ज्ञान था जो उसे होता अगर वह मतता में न होता जब तक की वह चीज, जिससे उसे मतता हुई थी, उसे उसके ज्ञान के बिना या उसकी इच्छा के विरुद्ध न दी गई हो।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 में किसी व्यक्ती द्वारा, जो मतता में हैं, किया गया अपराध जिसमें विशेष आशय या ज्ञान का होना अपेक्षित हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 क्या है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 के अनुसार उन दशाओं में, जहां कि कोई किया गया कार्य अपराध नहीं होता जब तक की वह किसी विशिष्ट ज्ञान या आशय से न किया गया हो, कोई व्यक्ति, जो वह कार्य मतता की हालत में करता हैं, इस प्रकार बरते जाने के दायित्व के अधीन होगा मानो उसे वहीं ज्ञान था जो उसे होता अगर वह मतता में न होता जब तक की वह चीज, जिससे उसे मतता हुई थी, उसे उसके ज्ञान के बिना या उसकी इच्छा के विरुद्ध न दी गई हो।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 24 क्या है इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद ‌!

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