भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 क्या हैं ? BNS Section 26 In Hindi

BNS Section 26 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 26 क्या हैं ( What is BNS Section 26 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 26 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 क्या हैं ? BNS Section 26 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 में किसी व्यक्ती के फायदे के लिए संमति से सद्भावपूर्वक किया गया कार्य जिससे मृत्यु कारित करने का आशय नहीं हैं इसके बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 26 क्या हैं ( What is BNS Section 26 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 में किसी व्यक्ती के फायदे के लिए संमति से सद्भावपूर्वक किया गया कार्य जिससे मृत्यु कारित करने का आशय नहीं हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 के अनुसार कोई बात, जो मृत्यु कारित करने के आशय से न की गई हो, किसी ऐसी अपहानि के कारण नहीं हैं जो उस बात से किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके फायदे के लिए वह बात सद्भावपूर्वक की जाए और जिसने उस अपहानि को सहने, या उस अपहानि की जोखिम उठाने के लिए चाहे अभिव्यक्त, चाहे विवक्षित संमति दे दी हो, कारित हो या कारित करने का कर्ता का आशय हो या कारित होने की संभाव्यता कर्ता को ज्ञात हैं।

दृष्टांत –

क यह एक शल्य चिकित्सक हैं और यहां जानते हुए की एक विशेष शस्त्रकर्म से य को, जो वेदनापूर्ण व्याधि से ग्रस्त हैं, मृत्यु कारित होने की संभाव्यता हैं किंतु य की मृत्यु कारित करने का आशय न रखते हुए और सद्भावपूर्वक य के फायदे के आशय से य की संमति से य पर वह शस्त्रकर्म करता हैं। क ने कोई अपराध नहीं किया हैं।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 में किसी व्यक्ती के फायदे के लिए संमति से सद्भावपूर्वक किया गया कार्य जिससे मृत्यु कारित करने का आशय नहीं हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 क्या हैं ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 के अनुसार कोई बात, जो मृत्यु कारित करने के आशय से न की गई हो, किसी ऐसी अपहानि के कारण नहीं हैं जो उस बात से किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके फायदे के लिए वह बात सद्भावपूर्वक की जाए और जिसने उस अपहानि को सहने, या उस अपहानि की जोखिम उठाने के लिए चाहे अभिव्यक्त, चाहे विवक्षित संमति दे दी हो, कारित हो या कारित करने का कर्ता का आशय हो या कारित होने की संभाव्यता कर्ता को ज्ञात हैं।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 26 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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