भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 क्या हैं ? BNS Section 31 In Hindi

BNS Section 31 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 31 क्या हैं ( What is BNS Section 31 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 31 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 क्या हैं ? BNS Section 31 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 में सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 31 क्या हैं ( What is BNS Section 31 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 में सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना के बारे में जानकारी दी गई है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 के अनुसार सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना उस अपहानि के वजह से अपराध नहीं हैं, जो उस व्यक्ति को हो जिसे वह दी गई है, यदि वह उस व्यक्ती के फायदे के लिए दी गई हो।

दृष्टांत – क यह एक शल्यचिकित्सक हैं, वह एक रोगी को सद्भावपूर्वक यह संसूचित करता हैं की उसकी राय में वह जीवित नहीं रह सकता। इस आघात के परिणामस्वरूप उस रोगी की मृत्यु हो जाती है। क ने कोई अपराध नहीं किया हैं, यद्यपि वह जानता था की उस संसूचना से उस रोगी की मृत्यु कारीत होना संभाव्य हैं।

अब इस धारा को हम आपको उदाहरण देकर समझाते हैं। मान लीजिए जय यह एक व्यक्ती हैं और इसको बहुत ही गंभीर बिमारी हैं। डाॅक्टर को यह पता था की अब वह ज्यादा दिन जीवित नहीं रह सकता इसलिए डाॅक्टर ने सद्भावपूर्वक उसको यह बात बता दी। यह सुनने के बाद जय की मृत्यु हो गई। इस मामले में डाॅक्टर ने कोई भी अपराध नहीं किया हैं।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 में सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना के बारे में जानकारी दी गई है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 क्या हैं ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 के अनुसार सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना उस अपहानि के वजह से अपराध नहीं हैं, जो उस व्यक्ति को हो जिसे वह दी गई है, यदि वह उस व्यक्ती के फायदे के लिए दी गई हो।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 31 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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