भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 क्या हैं ? BNS Section 33 In Hindi

BNS Section 33 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 33 क्या हैं ( What is BNS Section 33 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 33 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 क्या हैं ? BNS Section 33 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 में तुच्छ अपहानि कारित करने वाले कार्य के बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 33 क्या हैं ( What is BNS Section 33 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 में अपहानि कारित करने वाले कार्य के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 के अनुसार कोई भी बात इस कारण से अपराध नहीं हैं की उससे कोई अपहानि कारीत होती हैं या कारित की जाना आशयित हैं या कारित होने की संभाव्यता ज्ञात हैं, यदि वह इतनी तुच्छ हैं की मामूली समझ और स्वभाव वाला कोई व्यक्ति उसकी शिकायत नहीं करेगा।

अब इस धारा को हम आपको आसान भाषा में समझाते हैं। ऐसा कोई भी कार्य जिससे तुच्छ अपहानि होती हैं उसे अपराध नहीं माना जाएगा। अगर कोई भी इस तरह का कोई कार्य करेगा तो कोई समझदार व्यक्ती उस बात की शिकायत नहीं करेगा बल्की भुल समझकर माफ कर देगा।

अब इस धारा को हम आपको उदाहरण देकर समझाते हैं। मान लिजिए राम और श्याम यह दो व्यक्ती हैं। दोनों भी किसान हैं। राम ने अपने खेत में सब्जी उगाई हैं और श्याम ने अपने खेत में सब्जी नहीं उगाई हैं। एक दिन श्याम को सब्जी की बहुत जरूरत पड़ती हैं इस वजह से श्याम राम के खेत में जाता हैं और सब्जी तोड़कर उसे लेकर अपने घर चला आता हैं। यह सब राम देखता हैं लेकिन राम ने इसकी शिकायत नहीं की और वह इसको मामुली भुल समझकर माफ कर देता हैं।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 में अपहानि कारित करने वाले कार्य के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 क्या हैं ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 के अनुसार कोई भी बात इस कारण से अपराध नहीं हैं की उससे कोई अपहानि कारीत होती हैं या कारित की जाना आशयित हैं या कारित होने की संभाव्यता ज्ञात हैं, यदि वह इतनी तुच्छ हैं की मामूली समझ और स्वभाव वाला कोई व्यक्ति उसकी शिकायत नहीं करेगा।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 33 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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