भारतीय न्याय संहिता की धारा 41 क्या हैं ? BNS Section 41 In Hindi

BNS Section 41 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 41 क्या हैं ( What is BNS Section 41 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 41 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 41 क्या हैं ? BNS Section 41 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 41 में कब संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने तक का होता हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 41 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 41 क्या हैं ( What is BNS Section 41 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 41 में कब संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने तक का होता हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 41 के अनुसार संपत्ति के प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार, धारा 37 में वर्णित निर्बंधनों के अध्यधीन दोषकर्ता की मृत्यु या अन्य अपहानि स्वेच्छया कारित करने तक का हैं, यदि वह अपराध जिसके किए जाने के, या किए जाने के प्रयत्न के कारण उस अधिकार के प्रयोग का अवसर आता है, एतस्मिन्पश्चात् प्रगणित भांतियों में से किसी भी भांति का हैं, अर्थात:-

क) लूट ;

ख) रात्रौ गृह-भेदन ;

ग) अग्नि द्वारा रिष्टि, जो किसी ऐसे निर्माण, तंबू या जलयान को की गई है, जो मानव आवास के रूप में या संपत्ति की अभिरक्षा के स्थान के रूप में उपयोग में लाया जाता हैं ;

घ) चोरी, रिष्टि या गृह- अतिचार, जो ऐसी परिस्थितियों में किया गया है, जिनसे युक्तियुक्ति रूप से यह आशंका कारीत हो की यदि प्राइवेट प्रतिरक्षा के ऐसे अधिकार का प्रयोग न किया गया तो परिणाम मृत्यु या घोर उपहति होगा।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 41 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 41 में कब संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने तक का होता हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 41 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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