भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 क्या हैं ? BNS Section 44 In Hindi

BNS Section 44 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 44 क्या हैं ( What is BNS Section 44 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 44 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 क्या हैं ? BNS Section 44 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 में घातक हमले के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार, जबकी निर्दोष व्यक्ती को अपहानि होने की जोखिम हैं इसके बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 क्या है इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 44 क्या हैं ( What is BNS Section 44 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 में घातक हमले के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार, जबकी निर्दोष व्यक्ती को अपहानि होने की जोखिम हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 के अनुसार जिस हमले से मृत्यु की आशंका युक्तियुक्त रूप से कारित होती हैं, उसके विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रयोग करने में यदि प्रतिरक्षक ऐसी स्थिती में हो की निर्दोष व्यक्ती की अपहानि की जोखिम के बिना वह उस अधिकार का प्रयोग कार्यसाधक रूप से न कर सकता हो तो उसके प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार वह जोखिम उठाने तक का हैं।

दृष्टांत –

क यह एक व्यक्ती हैं और क पर एक भीड़ के द्वारा आक्रमण किया जाता हैं। वह भीड़ क की हत्या करने का प्रयत्न करती हैं। वह उस भीड़ पर गोली चलाए बिना प्राइवेट प्रतिरक्षा के अपने अधिकार का उपयोग कार्यसाधक रूप से नहीं कर सकता और वह भीड में सम्मलित छोटे छोटे बच्चों की अपहानि करने की जोखिम उठाए बिना गोली नहीं चला सकता। अगर क इस प्रकार से गोली चलाकर उन बच्चों में से किसी बच्चे की अपहानि करता हैं तो क ने कोई अपराध नहीं किया हैं।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 में घातक हमले के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार, जबकी निर्दोष व्यक्ती को अपहानि होने की जोखिम हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 क्या है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 के अनुसार जिस हमले से मृत्यु की आशंका युक्तियुक्त रूप से कारित होती हैं, उसके विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रयोग करने में यदि प्रतिरक्षक ऐसी स्थिती में हो की निर्दोष व्यक्ती की अपहानि की जोखिम के बिना वह उस अधिकार का प्रयोग कार्यसाधक रूप से न कर सकता हो तो उसके प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार वह जोखिम उठाने तक का हैं।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 44 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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