भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 क्या हैं ? BNS Section 47 In Hindi

BNS Section 47 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 47 क्या हैं ( What is BNS Section 47 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 47 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 क्या हैं ? BNS Section 47 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 में दुष्प्रेरक के बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 में भारत से बाहर अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण इसके बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 47 क्या हैं ( What is BNS Section 47 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 में भारत से बाहर अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 के अनुसार वह व्यक्ती इस संहिता के अर्थ के अंतर्गत अपराध का दुष्प्रेरण करता हैं, जो भारत से बाहर और उससे परे किसी ऐसे कार्य के किए जाने का भारत में दुष्प्रेरण करता है जो अपराध होगा, यदि भारत में किया जाए।

दृष्टांत –

क भारत में ख को, जो विदेशीय हैं, उस देश में हत्या करने के लिए उकसाता हैं। क हत्या के दुष्प्रेरण का दोषी हैं।

उदाहरण –

अजय यह एक विदेशी हैं और अजय कुछ दिनों के लिए भारत में आया था। तब अजय को विजय इस भारतीय व्यक्ती के द्वारा विदेश में हत्या करने के लिए उकसाया गया। विजय यह हत्या के दुष्प्रेरण का दोषी हैं।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 में भारत से बाहर अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 क्या हैं ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 के अनुसार वह व्यक्ती इस संहिता के अर्थ के अंतर्गत अपराध का दुष्प्रेरण करता हैं, जो भारत से बाहर और उससे परे किसी ऐसे कार्य के किए जाने का भारत में दुष्प्रेरण करता है जो अपराध होगा, यदि भारत में किया जाए।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 47 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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