भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 क्या हैं ? BNS Section 49 In Hindi

BNS Section 49 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 49 क्या हैं ( What is BNS Section 49 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 49 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 क्या हैं ? BNS Section 49 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 में दुष्प्रेरण का दंड, अगर दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाएं, और जहां की उसके दंड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं हैं इसके बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 49 क्या हैं ( What is BNS Section 49 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 में दुष्प्रेरण का दंड, अगर दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाएं, और जहां की उसके दंड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 के अनुसार जो कोई किसी अपराध का दुष्प्रेरण करता हैं, यदि दुष्प्रेरित कार्य दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया जाता हैं, और ऐसे दुष्प्रेरण के दंड के लिए इस संहिता द्वारा कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं है तो वह उस दंड से दंडित किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए उपबंधित हैं।

स्पष्टीकरण –

कोई कार्य या कोई अपराध दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया गया तब कहा जाता हैं, जब वह उस उकसाहट के परिणामस्वरूप या उस षड्यंत्र के अनुसरण में या उस सहायता से किया जाता है, जिससे दुष्प्रेरण गठित होता हैं।

दृष्टांत –

क) ख को मिथ्या साक्ष्य देने के लिए क उकसाता हैं। ख उस उकसाहट के परिणामस्वरूप, वह अपराध करता हैं। क उस अपराध के दुष्प्रेरण का दोषी हैं, और उसी दंड से दंडनीय है जिससे ख हैं।

ख) य को विष देने का षड्यंत्र क और ख रचते हैं। क उस षड्यंत्र के अनुसरण में विष उपाप्त करता हैं और उसे ख को इसलिए परिदत्त करता हैं की वह उसे य को दे। ख उस षड्यंत्र के अनुसरण में वह विष क की अनुपस्थिति में य को देता हैं और उसके द्वारा य की मृत्यु कारीत कर देता हैं। यहां, ख हत्या का दोषी हैं। क षड्यंत्र द्वारा उस अपराध के दुष्प्रेरण का दोषी हैं, और वह हत्या के लिए दंड से दंडनीय हैं।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 में दुष्प्रेरण का दंड, अगर दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाएं, और जहां की उसके दंड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 क्या हैं ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 के अनुसार जो कोई किसी अपराध का दुष्प्रेरण करता हैं, यदि दुष्प्रेरित कार्य दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया जाता हैं, और ऐसे दुष्प्रेरण के दंड के लिए इस संहिता द्वारा कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं है तो वह उस दंड से दंडित किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए उपबंधित हैं।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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