भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 क्या हैं ? BNS Section 50 In Hindi

BNS Section 50 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 50 क्या हैं ( What is BNS Section 50 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 50 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 क्या हैं ? BNS Section 50 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 में दुष्प्रेरण का दंड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ती दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता हैं इसके बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 50 क्या हैं ( What is BNS Section 50 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 में दुष्प्रेरण का दंड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ती दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 के अनुसार जो कोई किसी अपराध के किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ती ने दुष्प्रेरक के आशय या ज्ञान से भिन्न आशय या ज्ञान से वह कार्य किया हो, तो वह उसी दंड से दंडनीय किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए उपबंधित हैं, जो किया जाता यदि वह कार्य दुष्प्रेरक के ही आशय या ज्ञान से, न की किसी अन्य आशय या ज्ञान से, किया जाता।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 में दुष्प्रेरण का दंड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ती दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता हैं इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 क्या हैं ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 के अनुसार जो कोई किसी अपराध के किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ती ने दुष्प्रेरक के आशय या ज्ञान से भिन्न आशय या ज्ञान से वह कार्य किया हो, तो वह उसी दंड से दंडनीय किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए उपबंधित हैं, जो किया जाता यदि वह कार्य दुष्प्रेरक के ही आशय या ज्ञान से, न की किसी अन्य आशय या ज्ञान से, किया जाता।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 50 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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