भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 क्या हैं ? BNS Section 56 In Hindi

BNS Section 56 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 56 क्या हैं ( What is BNS Section 56 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 56 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 क्या हैं ? BNS Section 56 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 में कारावास से दंडनीय अपराध के दुष्प्रेरण के बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 क्या है इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 56 क्या हैं ( What is BNS Section 56 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 में कारावास से दंडनीय अपराध के दुष्प्रेरण के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 के अनुसार

1) जो कोई कारावास से दंडनीय अपराध का दुष्प्रेरण करेगा, यदि वह अपराध उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप न किया जाए और ऐसे दुष्प्रेरण के दंड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबंध इस संहिता में नहीं किया गया हैं, तो वह उस अपराध के लिए उपबंधित किसी भांति के कारावास से ऐसी अवधि के लिए, जो उस अपराध के लिए उपबंधित दीर्घतम अवधि के एक चौथाई भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबंधित हैं, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ;

2) यदि दुष्प्रेरक या दुष्प्रेरित व्यक्ती ऐसा लोक सेवक हो, जिसका कर्तव्य ऐसे अपराध के लिए किए जाने को निवारित करना हो, तो वह दुष्प्रेरक उस अपराध के लिए उपबंधित किसी भांति के कारावास से ऐसी अवधि के लिए, जो उस अपराध के लिए उपबंधित दीर्घतम अवधि के आधे भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो अपराध के लिए उपबंधित हैं, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 में कारावास से दंडनीय अपराध के दुष्प्रेरण के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 क्या है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 के अनुसार
1) जो कोई कारावास से दंडनीय अपराध का दुष्प्रेरण करेगा, यदि वह अपराध उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप न किया जाए और ऐसे दुष्प्रेरण के दंड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबंध इस संहिता में नहीं किया गया हैं, तो वह उस अपराध के लिए उपबंधित किसी भांति के कारावास से ऐसी अवधि के लिए, जो उस अपराध के लिए उपबंधित दीर्घतम अवधि के एक चौथाई भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबंधित हैं, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ;
2) यदि दुष्प्रेरक या दुष्प्रेरित व्यक्ती ऐसा लोक सेवक हो, जिसका कर्तव्य ऐसे अपराध के लिए किए जाने को निवारित करना हो, तो वह दुष्प्रेरक उस अपराध के लिए उपबंधित किसी भांति के कारावास से ऐसी अवधि के लिए, जो उस अपराध के लिए उपबंधित दीर्घतम अवधि के आधे भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो अपराध के लिए उपबंधित हैं, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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