भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 क्या हैं ? BNS Section 57 In Hindi

BNS Section 57 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 57 क्या हैं ( What is BNS Section 57 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 57 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 क्या हैं ? BNS Section 57 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 में लोक साधारण द्वारा या दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा अपराध किए जाने के दुष्प्रेरण के बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 57 क्या हैं ( What is BNS Section 57 in Hindi) ?-

भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 में लोक साधारण द्वारा या दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा अपराध किए जाने के दुष्प्रेरण के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 के अनुसार जो कोई लोक साधारण द्वारा, या दस से अधिक व्यक्तियों की किसी भी संख्या या वर्ग द्वारा किसी अपराध के किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन साल तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

दृष्टांत –

क, एक लोक स्थान में एक प्लेकार्ड चिपकाता हैं, जिसमें एक पंथ को जिसमें दस से ज्यादा लोग हैं, एक विरोधी पंथ के लोगों पर, जब की वे जुलूस निकालने में लगे हुए हो, आक्रमण करने के प्रयोजन से, किसी निश्चित समय और स्थान पर मिलने के लिए उकसाया गया हैं। क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया हैं।

‌FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 में लोक साधारण द्वारा या दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा अपराध किए जाने के दुष्प्रेरण के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 क्या हैं ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 के अनुसार जो कोई लोक साधारण द्वारा, या दस से अधिक व्यक्तियों की किसी भी संख्या या वर्ग द्वारा किसी अपराध के किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन साल तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 57 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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