भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 क्या हैं ? BNS Section 62 In Hindi

BNS Section 62 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 62 क्या हैं ( What is BNS Section 62 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 62 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 क्या हैं ? BNS Section 62 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 में आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न करने के लिए दंड के बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 क्या है इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 62 क्या हैं ( What is BNS Section 62 in Hindi) –

भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 में आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न करने के लिए दंड के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 के अनुसार जो कोई इस संहिता द्वारा आजीवन कारावास से या कारावास से दंडनीय अपराध करने का, या ऐसा अपराध कारित किए जाने का प्रयत्न करेगा, और ऐसे प्रयत्न में अपराध करने की दिशा में कोई कार्य करेगा, जहां की ऐसे प्रयत्न के दंड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबंध इस संहिता द्वारा नहीं किया गया है, वहां वह उस उपबंधित किसी भांति के कारावास से उस अवधि के लिए, जो यथास्थिति, आजीवन कारावास से आधे तक की या उस अपराध के लिए उपबंधित दीर्घतम अवधि के आधे तक की हो सकेगी या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

दृष्टांत –

क) क, एक संदूक तोड़कर खोलता है और उसमें से कुछ आभूषण चुराने का प्रयास करता हैं। संदूक इस प्रकार खोलने के पश्चात उसे ज्ञात होता हैं की उसमें कोई आभूषण नहीं हैं। उसने चोरी करने की दिशा में कार्य किया है, और इसलिए, वह इस धारा के अधीन दोषी हैं।

ख) क, य की जेब में हाथ डालकर य की जेब से चुराने का प्रयत्न करता हैं। य की जेब में कुछ न होने के परिणामस्वरूप क अपने प्रयत्न में असफल रहता है। क इस धारा के अधीन दोषी हैं।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 में आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न करने के लिए दंड के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 क्या है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 के अनुसार जो कोई इस संहिता द्वारा आजीवन कारावास से या कारावास से दंडनीय अपराध करने का, या ऐसा अपराध कारित किए जाने का प्रयत्न करेगा, और ऐसे प्रयत्न में अपराध करने की दिशा में कोई कार्य करेगा, जहां की ऐसे प्रयत्न के दंड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबंध इस संहिता द्वारा नहीं किया गया है, वहां वह उस उपबंधित किसी भांति के कारावास से उस अवधि के लिए, जो यथास्थिति, आजीवन कारावास से आधे तक की या उस अपराध के लिए उपबंधित दीर्घतम अवधि के आधे तक की हो सकेगी या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 क्या है इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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