भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 क्या हैं ? BNS Section 66 In Hindi

BNS Section 66 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 66 क्या हैं ( What is BNS Section 66 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। पहले हमारे देश में भारतीय दंड संहिता यह कानून था। लेकिन अब इसकी जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। अभी संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप लिया हैं। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेजों ने लागू किया था। अंग्रेजों के समय से भारत में भारतीय दंड संहिता लागू थी।

BNS Section 66 In Hindi

भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 क्या हैं ? BNS Section 66 In Hindi

अंग्रेजों के काल से जो आपराधिक कानून भारत में लागू थे उनकी जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। अब भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता ने ली हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 में पीड़िता की मृत्यु या लगातार विकृतशील दशा कारित करने के लिए दंड के बारे में जानकारी दी है। भारतीय न्याय सिंहिता की धारा 66 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की धारा 66 क्या हैं ( What is BNS Section 66 in Hindi) –

भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 में पीड़िता की मृत्यु या लगातार विकृतशील दशा कारित करने के लिए दंड के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 के अनुसार

जो कोई, धारा 64 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन दंडनीय कोई अपराध करेगा और ऐसे अपराध के दौरान ऐसी कोई क्षति पहुंचाएगा जिससे स्त्री की मृत्यु कारित हो जाती है, या जिसके कारण उस स्त्री की दशा लगातार विकृतशील हो जाती है, वह ऐसी अवधि के कठोर कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, जिससे उस व्यक्ती के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा, या मृत्युदंड से दंडित किया जाएगा।

FAQ

भारतीय न्याय संहिता में कितनी धारा हैं ?

भारतीय न्याय संहिता में 356 धारा हैं।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 में पीड़िता की मृत्यु या लगातार विकृतशील दशा कारित करने के लिए दंड के बारे में जानकारी दी है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 क्या हैं ?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 के अनुसार जो कोई, धारा 64 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन दंडनीय कोई अपराध करेगा और ऐसे अपराध के दौरान ऐसी कोई क्षति पहुंचाएगा जिससे स्त्री की मृत्यु कारित हो जाती है, या जिसके कारण उस स्त्री की दशा लगातार विकृतशील हो जाती है, वह ऐसी अवधि के कठोर कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, जिससे उस व्यक्ती के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा, या मृत्युदंड से दंडित किया जाएगा।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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