भारतीय दंड संहिता की धारा 124 क्या हैं ? IPC Section 124 In Hindi

IPC Section 124 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124 क्या हैं इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। भारतीय दंड संहिता में अपराध और उनकी सजा के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेज शासनकाल में लागू किया गया था।

IPC Section 124 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 क्या हैं ? IPC Section 124 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 राष्ट्रपति और राज्यपाल से संबंधित हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 124 में अगर कोई व्यक्ती राष्ट्रपति या राज्यपाल पर किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करेगा या विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति और राज्यपाल पर हमला करेगा तो उसको क्या सजा होगी इसके बारे में जानकारी दी हैं।‌ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124 क्या हैं ?-

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 में अगर कोई व्यक्ती राष्ट्रपति या राज्यपाल पर किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करेगा या विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति और राज्यपाल पर हमला करेगा तो उसको क्या सजा होगी इसके बारे में जानकारी दी हैं।‌

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 के अनुसार अगर कोई व्यक्ति भारत के राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल को उसके विधिपूर्ण शक्ती में से किसी शक्ती का प्रयोग करने के लिए या प्रयोग नहीं करने के लिए विवश करने के आशय से राष्ट्रपति या राज्यपाल पर हमला करेगा या उसका सदोष अवरोध करेगा या फिर सदोष अवरोध करने का प्रयत्न करेगा या फिर उसे आपराधिक बल के द्वारा या आपराधिक बल के प्रर्दशन के द्वारा आतंकित करेगा या आतंकित करने का प्रयास करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि सात साल तक की हो सकती हैं उससे दंडित किया जाएगा और इसके साथ साथ जुर्माने से भी दंडित होगा।

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 के तहत सजा –

अगर किसी व्यक्ती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124 लगवाई जाती हैं तो उसे सात साल तक की कारावास की सजा दी जा सकती हैं। इसके साथ साथ जुर्माना भी लगवाया जाएगा। यह अपराध गैर जमानती हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 के तहत जमानत –

भारत के राष्ट्रपति और राज्यपाल को उनकी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग करने के लिए या उपयोग करने से रोकने के लिए विवश करना यह अपराध हैं। जो व्यक्ती यह अपराध करता हैं उसपर भारतीय दंड संहिता की धारा 124 लगवाई जाती हैं। यह अपराध गैर जमानती हैं। इसलिए इस अपराध में जमानत मिलना मुश्किल होता हैं।

FAQ

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 में किसके बारे में जानकारी दी हैं ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 में अगर कोई व्यक्ती राष्ट्रपति या राज्यपाल पर किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करेगा या विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति और राज्यपाल पर हमला करेगा तो उसको क्या सजा होगी इसके बारे में जानकारी दी हैं।‌

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 क्या हैं ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 के अनुसार अगर कोई व्यक्ति भारत के राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल को उसके विधिपूर्ण शक्ती में से किसी शक्ती का प्रयोग करने के लिए या प्रयोग नहीं करने के लिए विवश करने के आशय से राष्ट्रपति या राज्यपाल पर हमला करेगा या उसका सदोष अवरोध करेगा या फिर सदोष अवरोध करने का प्रयत्न करेगा या फिर उसे आपराधिक बल के द्वारा या आपराधिक बल के प्रर्दशन के द्वारा आतंकित करेगा या आतंकित करने का प्रयास करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि सात साल तक की हो सकती हैं उससे दंडित किया जाएगा और इसके साथ साथ जुर्माने से भी दंडित होगा।

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 के तहत क्या सजा हो सकती है ?

अगर किसी व्यक्ती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124 लगवाई जाती हैं तो उसे सात साल तक की कारावास की सजा दी जा सकती हैं। इसके साथ साथ जुर्माना भी लगवाया जाएगा। यह अपराध गैर जमानती हैं।

क्या भारतीय दंड संहिता की धारा 124 लग जाने पर जमानत मिल सकती है ?

भारत के राष्ट्रपति और राज्यपाल को उनकी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग करने के लिए या उपयोग करने से रोकने के लिए विवश करना यह अपराध हैं। जो व्यक्ती यह अपराध करता हैं उसपर भारतीय दंड संहिता की धारा 124 लगवाई जाती हैं। यह अपराध गैर जमानती हैं। इसलिए इस अपराध में जमानत मिलना मुश्किल होता हैं।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय दंड संहिता की धारा 124 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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