भारतीय दंड संहिता की धारा 128 क्या हैं ? IPC Section 128 In Hindi

IPC Section 128 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 128 क्या हैं ( What is IPC Section 128 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। भारतीय दंड संहिता में अपराध और उनकी सजा के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेज शासनकाल में लागू किया गया था।

IPC Section 128 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 128 क्या हैं ? IPC Section 128 In Hindi

ऐसे बहुत लोग होते हैं जो अपराध करते हैं और जेल से भाग जाते हैं या किसी लोकसेवक के मदद से बाहर निकल जाते हैं या खुद ही भाग जाते हैं पर उनकी लोकसेवक के साथ जान पहचान होने के वजह से उनको कोई कुछ नहीं बोलता। अगर किसी लोकसेवक के द्वारा ऐसा कोई कार्य किया जाता हैं तो उसे क्या सजा दी जाएगी इसके बारे में भारतीय दंड संहिता की धारा 128 में बताया हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 128 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 128 क्या हैं ( What is IPC Section 128 in Hindi) ?-

भारतीय दंड संहिता की धारा 128 के अनुसार अगर कोई लोकसेवक अपने अभिरक्षा में रखे हुए किसी युद्धकैदी या राजकैदी को ऐसे जगह से जिसमें ऐसा कैदी परिरुद्ध हैं उसे अपने इच्छा से भागने देगा तो ऐसे लोकसेवक पर भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लागू की जाएगी। इस तरह का अपराध करने वाले लोकसेवक को भारतीय दंड संहिता की धारा 128 के तहत दंडित किया जाएगा।

भारतीय दंड संहिता (IPC) के धारा 128 के तहत सजा (Punishment in IPC Section 128 in Hindi) –

अगर किसी अपराधी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लगवाई जाती है तो उस लोकसेवक को या अपराधी को आजीवन कारावास या 10 साल तक के कारावास की सजा से दंडित किया जाएगा। इसके साथ साथ उस अपराधी को जुर्माने से भी दंडित किया जाएगा।

भारतीय दंड संहिता की धारा 128 में जमानत (Bail in IPC Section 128 in Hindi)-

अगर कोई लोकसेवक किसी अपराधी को जेल से भागने में मदद करता हैं तो उस लोकसेवक पर भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लगवाई जाती हैं। अगर किसी अपराधी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लगवाई जाती है तो उस लोकसेवक को या अपराधी को आजीवन कारावास या 10 साल तक के कारावास की सजा से दंडित किया जाता हैं।

इसके साथ साथ जुर्माने से भी दंडित किया जाता हैं। यह एक गैर जमानती अपराध हैं। अगर किसी व्यक्ती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लगवाई जाती हैं तो उसे जमानत मिलना मुश्किल होता हैं।

FAQ

भारतीय दंड संहिता की धारा 128 में किस बारे में जानकारी दी हैं ?

ऐसे बहुत लोग होते हैं जो अपराध करते हैं और जेल से भाग जाते हैं या किसी लोकसेवक के मदद से बाहर निकल जाते हैं या खुद ही भाग जाते हैं पर उनकी लोकसेवक के साथ जान पहचान होने के वजह से उनको कोई कुछ नहीं बोलता। अगर किसी लोकसेवक के द्वारा ऐसा कोई कार्य किया जाता हैं तो उसे क्या सजा दी जाएगी इसके बारे में भारतीय दंड संहिता की धारा 128 में बताया हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 128 क्या हैं ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 128 के अनुसार अगर कोई लोकसेवक अपने अभिरक्षा में रखे हुए किसी युद्धकैदी या राजकैदी को ऐसे जगह से जिसमें ऐसा कैदी परिरुद्ध हैं उसे अपने इच्छा से भागने देगा तो ऐसे लोकसेवक पर भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लागू की जाएगी। इस तरह का अपराध करने वाले लोकसेवक को भारतीय दंड संहिता की धारा 128 के तहत दंडित किया जाएगा।

अगर किसी लोकसेवक पर भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लागू की जाती है तो उसे क्या सजा दी जाएगी ?

अगर किसी अपराधी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लगवाई जाती है तो उस लोकसेवक को या अपराधी को आजीवन कारावास या 10 साल तक के कारावास की सजा से दंडित किया जाएगा। इसके साथ साथ उस अपराधी को जुर्माने से भी दंडित किया जाएगा।

क्या भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लग जाने पर जमानत मिल सकती हैं ?

यह एक गैर जमानती अपराध हैं। अगर किसी व्यक्ती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 128 लगवाई जाती हैं तो उसे जमानत मिलना मुश्किल होता हैं।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय दंड संहिता की धारा 128 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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