भारतीय दंड संहिता की धारा 132 क्या हैं ? IPC Section 132 In Hindi

IPC Section 132 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 132 क्या हैं ( What is IPC Section 132 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। भारतीय दंड संहिता में अपराध और उनकी सजा के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेज शासनकाल में लागू किया गया था।

 IPC Section 132 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 132 क्या हैं ? IPC Section 132 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 132 में अगर कोई व्यक्ती नौसेना, वायुसेना और सेना के किसी सैनिक को विद्रोह किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा और इससे परिणामस्वरूप विद्रोह हो जाए तो उसे क्या सजा मिलेगी इसके बारे में जानकारी दी है। भारतीय दंड संहिता की धारा 132 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 132 क्या हैं ( What is IPC Section 132 in Hindi) ?-

भारतीय दंड संहिता की धारा 132 में अगर कोई व्यक्ती नौसेना, वायुसेना और सेना के किसी सैनिक को विद्रोह किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा और इससे परिणामस्वरूप विद्रोह हो जाए तो उसे क्या सजा मिलेगी इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय दंड संहिता की धारा 132 के अनुसार जो कोई भी व्यक्ती भारत सरकार की सेना, वायुसेना या नौसेना के किसी अधिकारी, सैनिक, वायुसैनिक, नौसैनिक द्वारा विद्रोह किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा जिसके परिणामस्वरूप में विद्रोह हो जाए तो उस व्यक्ती को मृत्युदंड या आजीवन कारावास या किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे अधिकतम दस साल तक बढ़ाया जा सकता है और आर्थिक दंड से भी दंडित किया जाएगा।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 132 के तहत सजा (Punishment in IPC Section 132 in Hindi)-

अगर कोई व्यक्ति नौसेना, वायुसेना और सेना के किसी सैनिक को विद्रोह किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा और इससे परिणामस्वरूप विद्रोह हो जाए तो उसे मृत्युदंड या आजीवन कारावास या किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे अधिकतम दस साल तक बढ़ाया जा सकता है और आर्थिक दंड से भी दंडित किया जाएगा।

FAQ

भारतीय दंड संहिता की धारा 132 में किस बारे में जानकारी दी है ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 132 में अगर कोई व्यक्ती नौसेना, वायुसेना और सेना के किसी सैनिक को विद्रोह किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा और इससे परिणामस्वरूप विद्रोह हो जाए तो उसे क्या सजा मिलेगी इसके बारे में जानकारी दी है।

भारतीय दंड संहिता की धारा 132 क्या हैं ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 132 के अनुसार जो कोई भी व्यक्ती भारत सरकार की सेना, वायुसेना या नौसेना के किसी अधिकारी, सैनिक, वायुसैनिक, नौसैनिक द्वारा विद्रोह किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा जिसके परिणामस्वरूप में विद्रोह हो जाए तो उस व्यक्ती को मृत्युदंड या आजीवन कारावास या किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे अधिकतम दस साल तक बढ़ाया जा सकता है और आर्थिक दंड से भी दंडित किया जाएगा।

अगर किसी व्यक्ती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 132 लगवाई जाए तो उसे क्या सजा मिलेगी ?

अगर कोई व्यक्ति नौसेना, वायुसेना और सेना के किसी सैनिक को विद्रोह किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा और इससे परिणामस्वरूप विद्रोह हो जाए तो उसे मृत्युदंड या आजीवन कारावास या किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे अधिकतम दस साल तक बढ़ाया जा सकता है और आर्थिक दंड से भी दंडित किया जाएगा।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 132 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद ! ‌

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