भारतीय दंड संहिता की धारा 161 क्या हैं ? IPC Section 161 In Hindi

IPC Section 161 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 161 क्या हैं ( What is IPC Section 161 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। भारतीय दंड संहिता में अपराध और उनकी सजा के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेज शासनकाल में लागू किया गया था।

IPC Section 161 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 161 क्या हैं ? IPC Section 161 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 161 से धारा 165 तक लोकसेवकों के द्वारा किए जाने वाले अपराधों का प्रावधान दिया हुआ हैं। अगर कोई सरकारी अधिकारी अपने तनख्वाह के सिवाय अलग कोई धन या रिश्वत किसी व्यक्ती से लेता हैं तो इसके बारे में प्रावधान भारतीय दंड संहिता की धारा 161 में दिए हुए हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 161 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम,1988 (1988 का 49) की धारा 31 के द्वारा निरसित किया गया है। भारतीय दंड संहिता की धारा 161 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 161 क्या हैं ( What is IPC Section 161 in Hindi) ?-

भारतीय दंड संहिता की धारा 161 के अनुसार कोई सरकारी अधिकारी या कोई होने की शीघ्र आशा रखते हुए अपने पद के तनख्वाह के अलावा कोई अलग धन लेता हैं तो उसे तीन साल तक के कारावास से और जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।

भारतीय दंड संहिता की धारा 161 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम,1988 (1988 का 49) की धारा 31 के द्वारा निरसित किया गया है।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 161 के तहत सजा (Punishment in IPC Section 161 in Hindi)-

अगर किसी व्यक्ती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 161 लगवाई जाती हैं तो उस व्यक्ती को तीन साल तक के कारावास से और जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।

FAQ

भारतीय दंड संहिता की धारा 161 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

अगर कोई सरकारी अधिकारी अपने तनख्वाह के सिवाय अलग कोई धन या रिश्वत किसी व्यक्ती से लेता हैं तो इसके बारे में प्रावधान भारतीय दंड संहिता की धारा 161 में दिए हुए हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 161 क्या हैं ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 161 के अनुसार कोई सरकारी अधिकारी या कोई होने की शीघ्र आशा रखते हुए अपने पद के तनख्वाह के अलावा कोई अलग धन लेता हैं तो उसे तीन साल तक के कारावास से और जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय दंड संहिता की धारा 161 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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