भारतीय दंड संहिता की धारा 165 क्या हैं ? IPC Section 165 In Hindi

IPC Section 165 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 165 क्या हैं ( What is IPC Section 165 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। भारतीय दंड संहिता में अपराध और उनकी सजा के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेज शासनकाल में लागू किया गया था।

IPC Section 165 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 165 क्या हैं ? IPC Section 165 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 161 से धारा 165 तक लोकसेवकों के द्वारा किए जाने वाले और लोकसेवकों के अपराधों का प्रावधान दिया हुआ हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 165 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम,1988 (1988 का 49) की धारा 31 द्वारा निरसित कर दिया गया हैं।

लोक सेवक किसी भी मूल्यवान वस्तु को प्राप्त कर लेता है, बिना किसी विचार किए, किसी भी कार्यवाही या व्यवसाय में संबंधित व्यक्ति से ऐसे लोक सेवक द्वारा लेन-देन किया जाता है इसके बारे में भारतीय दंड संहिता की धारा 165 में जानकारी दी हुई हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 165 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 165 क्या हैं ( What is IPC Section 165 in Hindi) ?-

भारतीय दंड संहिता की धारा 165 के अनुसार कोई भी लोक सेवक किसी भी मूल्यवान वस्तु को प्राप्त कर लेता है, बिना किसी विचार किए, किसी भी कार्यवाही या व्यवसाय में संबंधित व्यक्ति से ऐसे लोक सेवक द्वारा लेन-देन किया जाता है तो इसमें 3 साल की जेल और जुर्माना दोनों से भी दंडित किया जा सकता है।

भारतीय दंड संहिता की धारा 165 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम,1988 (1988 का 49) की धारा 31 द्वारा निरसित कर दिया गया हैं।

FAQ

भारतीय दंड संहिता क्या हैं ?

भारतीय दंड संहिता में अपराध और उनकी सजा के बारे में जानकारी दी गई है।

भारतीय दंड संहिता को कब लागू किया गया था ?

भारतीय दंड संहिता को अंग्रेज शासनकाल में लागू किया गया था।

भारतीय दंड संहिता की धारा 165 में किस बारे में जानकारी दी गई है ?

लोक सेवक किसी भी मूल्यवान वस्तु को प्राप्त कर लेता है, बिना किसी विचार किए, किसी भी कार्यवाही या व्यवसाय में संबंधित व्यक्ति से ऐसे लोक सेवक द्वारा लेन-देन किया जाता है इसके बारे में भारतीय दंड संहिता की धारा 165 में जानकारी दी हुई हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 165 क्या हैं ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 165 के अनुसार कोई भी लोक सेवक किसी भी मूल्यवान वस्तु को प्राप्त कर लेता है, बिना किसी विचार किए, किसी भी कार्यवाही या व्यवसाय में संबंधित व्यक्ति से ऐसे लोक सेवक द्वारा लेन-देन किया जाता है तो इसमें 3 साल की जेल और जुर्माना दोनों से भी दंडित किया जा सकता है।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय दंड संहिता की धारा 165 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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