भारतीय दंड संहिता की धारा 178 क्या हैं ? IPC Section 178 In Hindi

IPC Section 178 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 178 क्या हैं ( What is IPC Section 178 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। भारतीय दंड संहिता में अपराध और उनकी सजा के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेज शासनकाल में लागू किया गया था।

IPC Section 178 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 178 क्या हैं ? IPC Section 178 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 178 शपथ या प्रतिज्ञान से इंकार करने पर लगवाई जाती हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 178 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।‌

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 178 क्या हैं ( What is IPC Section 178 in Hindi) ?-

भारतीय दंड संहिता की धारा 178 के अनुसार जो भी कोई सत्य कथन करने के लिए शपथ या प्रतिज्ञान के द्वारा अपने आप को आबद्ध करने से इंकार कर देगा, जबकि उससे अपने आप को इस तरह से आबद्ध करने की अपेक्षा इस तरह के लोक सेवक के द्वारा की जाती हैं जो यह अपेक्षा करने के लिए वैध रूप से सक्षम हैं की वह व्यक्ती इस प्रकार से अपने को आबद्ध करें, वह अपराधी माना जाएगा। इस तरह का अपराध करने से अपराधी को साधा कारावास जिसकी अवधि छह मास तक हो सकती है उससे या एक हजार रुपए तक के जुर्माने से या फिर दोनों से भी दंडित किया जाएगा।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 178 के तहत सजा (Punishment in IPC Section 178 in Hindi)-

अगर किसी व्यक्ती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 178 लगवाई जाती हैं तो उस व्यक्ती को साधा कारावास जिसकी अवधि छह मास तक हो सकती है उससे या एक हजार रुपए तक के जुर्माने से या फिर दोनों से भी दंडित किया जाएगा।

FAQ

भारतीय दंड संहिता की धारा 178 कब लगवाई जाती हैं ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 178 शपथ या प्रतिज्ञान से इंकार करने पर लगवाई जाती हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 178 क्या हैं ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 178 के अनुसार जो भी कोई सत्य कथन करने के लिए शपथ या प्रतिज्ञान के द्वारा अपने आप को आबद्ध करने से इंकार कर देगा, जबकि उससे अपने आप को इस तरह से आबद्ध करने की अपेक्षा इस तरह के लोक सेवक के द्वारा की जाती हैं जो यह अपेक्षा करने के लिए वैध रूप से सक्षम हैं की वह व्यक्ती इस प्रकार से अपने को आबद्ध करें, वह अपराधी माना जाएगा।

अगर किसी व्यक्ती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 178 लगवाई जाती हैं तो उस व्यक्ती को कौनसी सजा दी जाएगी ?

अगर किसी व्यक्ती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 178 लगवाई जाती हैं तो उस व्यक्ती को साधा कारावास जिसकी अवधि छह मास तक हो सकती है उससे या एक हजार रुपए तक के जुर्माने से या फिर दोनों से भी दंडित किया जाएगा।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय दंड संहिता की धारा 178 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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