भारतीय दंड संहिता की धारा 188 क्या हैं ? IPC Section 188 In Hindi

IPC Section 188 In Hindi हॅलो‌ ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 क्या हैं ( What is IPC Section 188 in Hindi) इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। भारतीय दंड संहिता में अपराध और उनकी सजा के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय दंड संहिता को अंग्रेज शासनकाल में लागू किया गया था।

IPC Section 188 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 188 क्या हैं ? IPC Section 188 In Hindi

अगर किसी व्यक्ती के द्वारा महामारी एक्ट का उल्लंघन किया जाता हैं तो उसपर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 लगवाई जाती हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 188 क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी यह पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 क्या हैं ( What is IPC Section 188 in Hindi) ?-

अगर किसी व्यक्ती के द्वारा महामारी एक्ट का उल्लंघन किया जाता हैं तो उसपर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 लगवाई जाती हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अनुसार अगर किसी व्यक्ती के द्वारा लाॅकडाउन के दौरान सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करता हैं तो उसके खिलाफ इस धारा के तहत कार्यवाही की जाती हैं।

माहमारी एक्ट की धारा 3 के अनुसार अगर किसी व्यक्ती के द्वारा इस कानून के किसी प्रावधान का उल्लंघन किया जाता है या सरकार के निर्देश या नियमों को तोड़ता हैं तो उसे दंडित किया जा सकता है। अगर किसी सरकारी कर्मचारी के द्वारा ऐसा किया जाता हैं तो उसपर भी यह धारा लगवाई जा सकती हैं। अगर किसी व्यक्ती के द्वारा इस कानून का उल्लंघन किया जाता हैं तो उस व्यक्ती को कम से कम एक मास का कारावास या दो सौ रुपए का जुर्माना या दोनों से भी दंडित किया जा सकता है।

FAQ

भारतीय दंड संहिता क्या हैं ?

भारतीय दंड संहिता में अपराध और उनकी सजा के बारे में जानकारी दी गई है।

भारतीय दंड संहिता को कब लागू किया गया था ?

भारतीय दंड संहिता को अंग्रेज शासनकाल में लागू किया गया था।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय दंड संहिता की धारा 188 क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी है। हमारी पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

1 thought on “भारतीय दंड संहिता की धारा 188 क्या हैं ? IPC Section 188 In Hindi”

  1. भारतीय दंड आचार संहिता लागू करण्यात आले असुन. मागासवर्गीय जनतेवर अन्याय अत्याचार वाढत आहे. बलात्कार हत्या प्रकरण. औंर जातीवाद से झगडा हो राहा है. जातीवाद दंगे करने वाले पर क्या आचार संहिता कलम लागू हो सकता है.. क्या उसको सज्जा मौत हो सकता है क्या..

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