भारतीय दंड संहिता की धारा 91 क्या है ? IPC Section 91 In Hindi

IPC Section 91 In Hindi हॅलो ! इस पोस्ट में हम आपको भारतीय दंड संहिता की धारा 91 क्या हैं इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 91 में कुछ अपराधिक कार्य होते हैं जो कारित क्षती के सिवाय भी स्वत: अपराध होते हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं। इस पोस्ट में हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं।

IPC Section 91 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 91 क्या है ? IPC Section 91 In Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 91 क्या है ? –

भारतीय दंड संहिता की धारा 91 में कुछ अपराधिक कार्य होते हैं जो कारित क्षती के सिवाय भी स्वत: अपराध होते हैं इसके बारे में जानकारी दी हैं।‌ भारतीय दंड संहिता की धारा 91 के अनुसार भारतीय दंड संहिता की धारा 87,88 और 89 के अपवादों का विस्तार उन कार्यों पर नहीं हैं जो किसी भी व्यक्ती को सहमती देता हैं या किसीके तरफ से सहमती दी जाती हैं, कारित‌ कोई भी क्षती, जो उन कार्यों के वजह से कारित हुई हैं, या ऐसी कोई भी क्षती कारित की जाने का आशय हो, या ऐसी कोई भी क्षती कारीत हो जाने की संभावना पता हो के बिना भी अपराध हैं।

अब हम आपको इस धारा को आसान भाषा में समझाते हैं। अगर किसी महिला का गर्भपात किया जा रहा हैं और यह गर्भपात अगर उस महिला का जीवन बचाने के लिए सद्भावना से नहीं किया जाने वाला हो तो वह गर्भपात किसी अपहानी के सिवाय भी, जो उससे किसी महिला को कारित हो या फिर किसी महिला को कारित‌ करने का आशय हो, तो वह गर्भपात स्वत: अपराध हैं।

इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय दंड संहिता की धारा 91 के बारे में जानकारी दी हैं। हमारी यह पोस्ट शेयर जरुर किजिए। धन्यवाद !

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