लीगल नोटीस पूरी जानकारी Legal Notice Information In Hindi

हॅलो ! इस पोस्ट में हम आपको लीगल नोटीस क्या हैं, लीगल नोटीस कब और कैसे भेजें और कोर्ट या वकील से लीगल नोटीस मिलने पर क्या करें इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। लीगल नोटीस कानून के क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। अगर आप किसी समस्या में हैं और कानून की मदद से आपकी समस्या हल हो सकती हैं तो आप लीगल नोटीस भेज सकते हैं।

Legal Notice

लीगल नोटीस पूरी जानकारी Legal Notice Information In Hindi

किसी व्यक्ती, संघटन या अन्य कोई भी पार्टी को कानूनी कार्यवाही या दावे के बारे में सुचित करने के लिए एक नोटीस भेजी जाती हैं उसे लीगल नोटीस कहां जाता हैं। लीगल नोटीस मिलने के बाद प्राप्तकर्ता अदालत में जाने से पहले आपको कोई सही जवाब दे सकता हैं। लीगल नोटीस क्या हैं, लीगल नोटीस कब और कैसे भेजें और कोर्ट या वकील से लीगल नोटीस मिलने पर क्या करें इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी पोस्ट अंत तक जरुर पढिए।

लीगल नोटीस क्या हैं ( Legal Notice in hindi) ?

लीगल नोटीस कानून के क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। अगर आप किसी समस्या में हैं और कानून की मदद से आपकी समस्या हल हो सकती हैं तो आप लीगल नोटीस भेज सकते हैं। किसी व्यक्ती, संघटन या अन्य कोई भी पार्टी को कानूनी कार्यवाही या दावे के बारे में सुचित करने के लिए एक नोटीस भेजी जाती हैं उसे लीगल नोटीस कहां जाता हैं। लीगल नोटीस मिलने के बाद प्राप्तकर्ता अदालत में जाने से पहले आपको कोई सही जवाब दे सकता हैं।

लीगल नोटीस के प्रकार

लीगल नोटीस के बहुत प्रकार होते हैं। लीगल नोटीस के कौन कौन से प्रकार हैं इसके बारे में हम आपको अब जानकारी देने वाले हैं।

  • डिमांड नोटीस-

डिमांड नोटीस यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज होता हैं। डिमांड नोटीस तब भेजा जाता हैं जब दुसरे पक्ष के द्वारा भुगतान या किसी कार्य की मांग करनी हो। जब दुसरा पक्ष जो कार्य या भुगतान उनको करना था वह करते नहीं हैं तब उनको डिमांड नोटीस भेजी जाती हैं।

  • बेदखली नोटीस –

बेदखली नोटीस यह भी एक कानूनी नोटीस हैं। यह नोटीस किराएदार और मकान मालिक इन दोनों के बीच होती हैं। जब मकान मालिक को अपना मकान खाली करवाना हो तो कुछ दिन पहले किराएदार को नोटिस भेजनी पड़ती हैं उसे बेदखली नोटीस कहां जाता हैं।

  • काॅपीराइट नोटीस –

काॅपीराइट नोटीस यह भी एक लीगल नोटीस हैं। इस नोटीस द्वारा दुसरों को यह सुचित किया जाता हैं की विशेष सामग्री काॅपीराइट ॲक्ट से संरक्षित हैं। यह नोटीस अक्सर वेबसाइट या पुस्तक या अन्य काॅपीराइट के अधीन जो जो सामग्री हैं उन्हें भेजी जाती है।

  • मानहानि नोटिस-

मानहानि नोटीस यह भी एक लीगल नोटीस हैं। यह नोटीस तब भेजी जाती हैं जब कोई व्यक्ती दुसरे व्यक्ती या संघटन के बारे में झुठे बयान देता हैं। इस तरह के नोटिसों में मांग की जाती हैं की जो झुठे बयान किए गए हैं उन्हें वापस लिया जाए और माफी मांगी जाए।

  • मुकदमा करने के इरादे की नोटीस –

यह भी एक कानूनी नोटीस होती हैं। जब एक व्यक्ती दुसरे व्यक्ती या संघटन पर कोर्ट में मुकदमा चलाना चाहता हो तब इस प्रकार की नोटीस भेजी जाती हैं। जब पक्ष अदालत के बाहर मामला सुलझाना चाहते हैं तब यह नोटीस भेजी जाती है।

लीगल नोटीस कब और क्यों भेजी जाती है ?

लीगल नोटीस एक व्यक्ती या संघटन के द्वारा दुसरे व्यक्ती या संघटन को भेजी जाती हैं। लीगल नोटीस भेजने की बहुत वजह हो सकती है। यह वजह कौन कौनसी हो सकती है इसके बारे में हम आपको अब जानकारी देने वाले हैं।

  • उचित भुगतान नहीं होने पर
  • अनुबंध या समझौते का उल्लंघन किया जाए तो।
  • नियम या विधि का उल्लंघन किया जाए तो।
  • नुकसान या हानि हुई हो तो।
  • किसी भी अवैध कार्य को रोकने के लिए लीगल नोटीस भेजी जा सकती हैं।

लीगल नोटीस में यह जानकारी होनी आवश्यक है

  • नोटीस का नाम
  • जो अपराध या अवैध कार्य किया गया हैं उसका नाम और अन्य जानकारी।
  • अपराध की कानूनी धारा और‌ नियम
  • जिस व्यक्ती या संघटन पर आरोप किए गए हैं उनका नाम और पता
  • समय सीमा जिसके अंदर कानूनी कार्यवाही होना और जवाब देना आवश्यक है।

लीगल नोटीस आने पर क्या करें ? लीगल नोटीस का जवाब कैसे दें ?

अगर आपके पास कोई लीगल नोटिस आती हैं तो आपके मन में सबसे पहले यह सवाल आता हैं की अब क्या करना चाहिए और इसका जवाब कैसे देना चाहिए। तो ऐसे परिस्थिती में आपको सबसे पहले लीगल नोटीस अच्छे तरीके से पढ़नी हैं। लीगल नोटीस में कौन कौनसी बातें लिखी हैं यह सब आपको अच्छे से पढ़ना हैं। इसके बाद अगर आपको लीगल‌ नोटीस का जवाब देना हैं तो सबसे पहले किसी वकील से संपर्क करना जरूरी है। वकील को आपको नोटिस दिखानी हैं और पुरा मामला बताना हैं। इसके बाद वकील आपको सही सलाह देगा और लीगल नोटीस भी भेजेगा।

लीगल नोटीस भेजने के फायदे

  • आप जिस व्यक्ती को लीगल नोटीस भेजते हैं वह व्यक्ती लीगल नोटीस मिलने के बाद समस्या सुलझाने की कोशिश करता हैं।
  • अगर आपके और दुसरे व्यक्ती के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहे हैं तो आप उसे लीगल नोटिस भेज सकते हैं। हो सकता हैं की एक ही मुलाकत में आपका मामला सुलझ जाए।
  • अगर संपत्ति के संबंधित आपमें और दुसरे व्यक्ती में विवाद चल रहे हैं तो‌ आप उसे लीगल नोटीस भेज सकते हैं। इससे आपके समस्या का समाधान हो सकता है। ‌

FAQ

लीगल नोटीस क्या हैं ?

किसी व्यक्ती, संघटन या अन्य कोई भी पार्टी को कानूनी कार्यवाही या दावे के बारे में सुचित करने के लिए एक नोटीस भेजी जाती हैं उसे लीगल नोटीस कहां जाता हैं।

लीगल नोटीस के कौन कौनसे प्रकार होते हैं ?

लीगल नोटीस के डिमांड नोटीस, मानहानि नोटीस, बेदखली नोटीस, काॅपीराइट नोटीस, मुकादमा करने के इरादे की नोटीस यह प्रकार होते हैं।‌

अगर हमें कोई लीगल नोटीस भेजता है तो क्या करें ?

अगर आपको कोई लीगल नोटीस भेजता हैं तो सबसे पहले किसी वकील से संपर्क करना जरूरी है। वकील को आपको नोटिस दिखानी हैं और पुरा मामला बताना हैं। इसके बाद वकील आपको सही सलाह देगा और लीगल नोटीस भी भेजेगा।

क्या लीगल नोटीस भेजने से हमारा मामला सुलझ जाता है ?

हां‌। ज्यादा से ज्यादा मामलों में लीगल नोटीस भेजने के बाद पहली मुलाकात में ही मामला सुलझ जाता हैं।

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