समन की पूरी जानकारी Summons Information In Hindi

हॅलो ! इस पोस्ट में हम आपको समन (Summons) क्या हैं इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। समन कानूनी कार्यवाही की महत्वपूर्ण प्रक्रिया हैं। कुछ लोगों को समन और वारंट एक ही लगता हैं। लेकिन ऐसा नहीं हैं समन और वारंट में बहुत फर्क होता हैं। जब कोर्ट के द्वारा किसी अपराधी को लीगल नोटीस के द्वारा कोर्ट में पेश होने के लिए कहा जाता हैं उसे समन कहां जाता है। जब एक पार्टी दुसरे पार्टी के खिलाफ केस करती हैं तब दुसरी पार्टी को कोर्ट में बुलाने के लिए कोर्ट से समन जारी किया जाता है।

Summons Information In Hindi

समन की पूरी जानकारी Summons Information In Hindi

गवाहों को अदालत में गवाही देने के लिए बुलाने के लिए भी समन जारी किया जाता है। जब समन न्यायाधीश या मॅजिस्ट्रेट के द्वारा जारी किया जाता है तब उसमें उनके उपर मुकदमा दर्ज किया हैं, उनको अदालत के सामने कौनसे तारीख को पेश होना हैं यह सब जानकारी दी हुई होती हैं। समन क्या हैं इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी पोस्ट अंत तक जरुर पढिए।

समन क्या हैं ? (What is summons in hindi)

समन कानूनी कार्यवाही की महत्वपूर्ण प्रक्रिया हैं। कुछ लोगों को समन और वारंट एक ही लगता हैं। लेकिन ऐसा नहीं हैं समन और वारंट में बहुत फर्क होता हैं। जब कोर्ट के द्वारा किसी अपराधी को लीगल नोटीस के द्वारा कोर्ट में पेश होने के लिए कहा जाता हैं उसे समन कहां जाता है। जब एक पार्टी दुसरे पार्टी के खिलाफ केस करती हैं तब दुसरी पार्टी को कोर्ट में बुलाने के लिए कोर्ट से समन जारी किया जाता है। गवाहों को अदालत में गवाही देने के लिए बुलाने के लिए भी समन जारी किया जाता है। जब समन न्यायाधीश या मॅजिस्ट्रेट के द्वारा जारी किया जाता है तब उसमें उनके उपर मुकदमा दर्ज किया हैं, उनको अदालत के सामने कौनसे तारीख को पेश होना हैं यह सब जानकारी दी हुई होती हैं।

समन और वारंट में क्या फर्क हैं ?

कुछ लोगों को समन और वारंट एक ही लगता हैं। लेकिन ऐसा नहीं हैं। समन और वारंट में बहुत फर्क होता है। जब कोर्ट के द्वारा किसी अपराधी को लीगल नोटीस के द्वारा कोर्ट में पेश होने के लिए कहा जाता हैं उसे समन कहां जाता है। जब एक पार्टी दुसरे पार्टी के खिलाफ केस करती हैं तब दुसरी पार्टी को कोर्ट में बुलाने के लिए कोर्ट से समन जारी किया जाता है। मॅजिस्ट्रेट या न्यायाधीश द्वारा जब पुलिस को किसी व्यक्ती को गिरफ्तार करने की अनुमति मिलती हैं तब उसे वारंट कहा जाता है। अगर पुलिस को किसी के घर की तलाशी लेनी हैं या किसी व्यक्ती का घर जप्त करना हो तो ऐसे कार्यों के लिए भी पुलिस को वारंट की जरूरत पड़ती हैं।

समन मिलने के बाद क्या करें ?

अगर आपको कोर्ट से समन मिला हैं और उसमें यह जानकारी दी हैं की आपके खिलाफ कौनसा मुकदमा दर्ज हुआ हैं और आपको अदालत के सामने कितने दिनों में पेश होना हैं तो आपको बहुत ही जल्दी किसी वकील की सलाह लेनी हैं। वकील से सलाह लेने के बाद आपको आगे के कदम उठाने हैं।

कोर्ट कितनी बार समन जारी करता हैं ?-

कोर्ट द्वारा जब किसी व्यक्ती को समन भेजा जाता हैं और जिस तारीख को उस व्यक्ती को अदालत के सामने पेश होने के लिए कहा हैं उस तारीख को अगर वह व्यक्ती अदालत के सामने पेश नहीं होता तो कोर्ट और दो से तीन बार उस व्यक्ती को समन भेजता हैं। इसके बाद भी अगर वह व्यक्ती कोर्ट के सामने पेश नहीं होता तो कोर्ट उस व्यक्ती के खिलाफ वारंट जारी करती हैं। वारंट जारी करने के बाद पुलिस उस व्यक्ती को गिरफ्तार करते हैं और कोर्ट के सामने लेकर आते हैं।

समन की तामील क्या होता हैं ?-

जब किसी व्यक्ती को समन जारी होता हैं तब तालीम यह शब्द बहुत बार सुनने को मिलता हैं। लेकिन तालीम क्या हैं इसके बारे में बहुत लोगों को जानकारी नहीं होती। इसलिए हम आपको अब समन की तामील क्या होता हैं इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। तालीम इस शब्द का अर्थ यह हैं की समन उस व्यक्ती तक पहुंचना जिसके लिए वह निकाला गया हैं। समन जारी करने के बाद किसी कर्मचारी के मदद से समन उस व्यक्ती तक पहुंचाया जाता हैं।‌ समन उस व्यक्ती को भेजने के बाद एक समन की फोटोकाॅपी उस व्यक्ती को दी जाती हैं और दुसरे फोटोकाॅपी पर उस व्यक्ती के हस्ताक्षर लिए जाते हैं। इस प्रक्रिया को समन की तालीम कहा जाता हैं।

FAQ:-

समन क्या होता हैं ?

जब कोर्ट के द्वारा किसी अपराधी को लीगल नोटीस के द्वारा कोर्ट में पेश होने के लिए कहा जाता हैं उसे समन कहां जाता है। जब एक पार्टी दुसरे पार्टी के खिलाफ केस करती हैं तब दुसरी पार्टी को कोर्ट में बुलाने के लिए कोर्ट से समन जारी किया जाता है।

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