प्राॅपर्टी लाॅ क्या हैं ? What Is Property Law In Hindi

What Is Property Law In Hindi हॅलो! इस पोस्ट में हम आपको प्राॅपर्टी लाॅ क्या हैं इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। प्राॅपर्टी लाॅ को हिंदी में संपत्ति कानून कहा जाता हैं। संपत्ति कानून यह संपत्ति से संबंधित कानून हैं। कोर्ट में संपत्ति के संबंधित कानून संपत्ति कानून के अंतर्गत ही चलते हैं। संपत्ति कानून में बहुत कानून शामिल हैं जैसे की संपत्ति अंतरण अधिनियम 1882, विवाहित महिला संपत्ति अधिनियम 1870, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 2005 आदी। प्राॅपर्टी लाॅ की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी पोस्ट अंत तक जरुर पढ़िए।

What Is Property Law In Hindi

प्राॅपर्टी लाॅ क्या हैं ? What Is Property Law In Hindi

संपत्ति अंतरण (हस्तांतरण) अधिनियम 1882-

संपत्ति अंतरण (हस्तांतरण) अधिनियम 1882 को 1 जुलाई 1882 को लागू किया गया था। इस अधिनियम में आठ चाप्टर्स और 137 सेक्शन्स हैं। यह अधिनियम संपत्ति के हस्तांतरण के संबंधित हैं। यह कानून पुरे भारत में लागू होता हैं।

संपत्ति अंतरण (हस्तांतरण) अधिनियम 1882 के अंतर्गत संपत्ति शब्द की व्याख्या –

संपत्ति अंतरण (हस्तांतरण) अधिनियम 1882 में संपत्ति शब्द का स्पष्टीकरण दिया हैं। संपत्ति अंतरण (हस्तांतरण) अधिनियम 1882 के अनुसार संपत्ति इस शब्द के अंतर्गत सिर्फ मूर्त भौतिक चीजें जैसे, मकान और भूमि ही नहीं बल्कि कुछ अधिकार भी होते हैं।

जैसे की ऋण वापस प्राप्त करने का अधिकार। इस अधिनियम में ज्यादा से ज्यादा स्थावर संपत्ति के बारे में बताया गया हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं हैं की जंगम संपत्ति इस अधिनियम के अंतर्गत नहीं आती। इस अधिनियम में धारा 5 से धारा 37 स्थावर और जंगम दोनों भी संपत्ति के लागू हैं। इसी तरह से संपत्ति के दान के कानून भी जंगम और स्थावर दोनो संपत्तियों के लिए लागू हैं।

संपत्ति अंतरण (हस्तांतरण) अधिनियम 1882 के अनुसार संपत्ति हस्तांतरण कौन कर सकता हैं ?-

संपत्ति अंतरण (हस्तांतरण) अधिनियम 1882 के अनुसार संपत्ति हस्तांतरण वह व्यक्ती कर सकता हैं जो –

  • संपत्ति हस्तांतरण का अधिकार रखता हैं।
  • दिमागी हालत पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
  • आयु 18 साल से अधिक हैं।
  • जिसकी कानून द्वारा अयोग्यता घोषित नहीं हुई हैं।
  • नशे के हालत में धुत नहीं हैं।

संपत्ति अंतरण (हस्तांतरण) अधिनियम 1882 किन‌ किन चीजों को लागू होता हैं ?-

संपत्ति अंतरण (हस्तांतरण) अधिनियम 1882 हर प्रकार के अचल‌ संपत्ति पर लागू होता हैं। सेल, लीज, एक्सचेंज, गिरवी, निलामी या गीफ्ट के मामलों में यह कानून लागू होता हैं। वसीयत, विरासत, दिवालियापन या हुक्मनामा, जब्ती के जरिए से किए हुए बिक्री को संपत्ति के हस्तांतरण के अधिनियम द्वारा कवर नहीं किया जाता।

प्राॅपर्टी लाॅयर और प्राॅपर्टी ॲडवोकेट में क्या फर्क हैं ?-

सभी लोगों को ऐसा लगता हैं की लाॅयर और एडवोकेट एक ही होते हैं लेकिन ऐसा नहीं होता। लाॅयर और ॲडवोकेट में बहुत बड़ा अंतर होता हैं। लाॅयर वह होता हैं जो सिर्फ एलएलबी का कोर्स पुरा करता हैं । लाॅयर सिर्फ लोगों को सलाह देने का कार्य कर सकता हैं लेकिन लोगों की केस कोर्ट में नहीं लड़ सकता‌। जिसने सिर्फ एलएलबी का कोर्स पुरा किया हैं और जो सिर्फ लोगों को प्राॅपर्टी मामलों में सलाह दे सकता हैं उसे प्राॅपर्टी लाॅयर कहा जाता हैं।

अगर कोई व्यक्ती एलएलबी का कोर्स पूरा करने के बाद बार काउंसिल की एग्जाम देकर बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करता हैं तो उसे एडवोकेट कहा जाता हैं। एडवोकेट बनने के बाद वह लोगों को सलाह भी दे सकते हैं और केस भी लड सकते हैं। अगर कोई व्यक्ती लोगों को सलाह देता हैं और प्राॅपर्टी के मामलों में कोर्ट में केस भी लडता हैं तो उसे प्राॅपर्टी ॲडवोकेट कहा जाता है।

प्राॅपर्टी लाॅयर या प्राॅपर्टी एडवोकेट कैसे बनें ?-

  • अगर आप प्राॅपर्टी लाॅयर या प्राॅपर्टी एडवोकेट बनना चाहते हैं तो आपको 12 th या ग्रेजुएशन पुरा करना होगा। आप 12 th या ग्रेजुएशन किसी भी स्ट्रिम से ( science , commerce, arts में से कोई भी स्ट्रिम) पुरा कर सकते हैं। इसके बाद आप LLB के लिए एडमिशन ले सकते हैं।
  • LLB के लिए एडमिशन लेने के लिए कुछ युनिवर्सिटी में एंट्रेंस एग्जाम देनी पड़ती हैं तो कुछ युनिवर्सिटी में डाइरेक्ट 12 th या ग्रेजुएशन के मार्क्स पर एडमिशन दिया जाता हैं।
  • अगर आप 12 th के बाद एडमिशन लेते हैं तो आपको पांच साल का LLB का कोर्स करना पड़ता हैं। अगर आप ग्रेजुएशन के बाद LLB के लिए एडमिशन लेते हैं तो आपको 3 साल का LLB का कोर्स करना पड़ता है।
  • आप प्राॅपर्टी लाॅयर बनना चाहते हैं तो आपको प्राॅपर्टी लाॅ इस विषय की अच्छे से पढ़ाई करनी होगी।
  • आपका कोर्स पूरा होने के बाद आपको AIBE की एग्जाम देनी होती हैं। इस एग्जाम में पास होने के बाद आप एडवोकेट बन जाते हैं। इसके बाद आप कोर्ट में केस लड़ सकते हैं।
  • अगर आप LLB कोर्स के दुसरे या तिसरे साल से ही किसी अच्छे प्राॅपर्टी लाॅयर के साथ प्रेक्टिस करते हैं तो आप बहुत ही जल्दी अच्छे प्राॅपर्टी लाॅयर बन सकते हैं।
  • अच्छा प्राॅपर्टी लाॅयर बनने के लिए प्राॅपर्टी लाॅ की अच्छे से पढ़ाई करना भी जरूरी हैं।

लाॅ काॅलेज में एडमिशन लेने के लिए दस्तावेज (documents)-

लाॅ काॅलेज में एडमिशन लेते समय आपको दस्तावेजों की जरूरत होती हैं। अगर आप लाॅ काॅलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं तो आपको पहले से ही डाॅक्युमेंट तैयार रखना जरूरी हैं क्योंकी आपको आगे जाकर किसी समस्या का सामना न करना पड़े। लाॅ काॅलेज में एडमिशन लेने के लिए दस्तावेज-

  • जात प्रमाणपत्र
  • जात वैधता प्रमाणपत्र
  • नाॅनक्रिमिलेयर (कुछ वर्गों के लोगों के लिए)
  • आय प्रमाणपत्र
  • अधिवास प्रमाणपत्र
  • 10 th और 12 th का गुणपत्र और गुण प्रमाणपत्र
  • ग्रेजुएशन का गुणपत्र और गुण प्रमाणपत्र ( अगर आप ग्रेजुएट हैं तो )
  • सीईटी और एंट्रंस एग्जाम के दस्तावेज (अगर कोई एंट्रेंस एग्जाम एडमिशन के लिए जरूरी हैं तो)
  • आधारकार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो

निष्कर्ष:

संपत्ति कानून, कानून का वह क्षेत्र है जो वास्तविक संपत्ति और निजी संपत्ति में स्वामित्व के विभिन्न रूपों को नियंत्रित करता है। संपत्ति का तात्पर्य संसाधनों पर कानूनी रूप से संरक्षित दावों से है, जैसे कि भूमि और बौद्धिक संपदा सहित व्यक्तिगत संपत्ति।

FAQ:

संपत्ति कानून से आप क्या समझते हैं?

संपत्ति कानून, फिर, धन और संपत्ति की वस्तुओं के आवंटन, उपयोग और हस्तांतरण से संबंधित है। इस प्रकार, यह उस समाज की अर्थव्यवस्था को प्रतिबिंबित करता है जिसमें यह पाया जाता है।

भारत में संपत्ति कानून क्या है?

प्रत्येक कानूनी प्रणाली में आम तौर पर नियमों के दो अलग-अलग सेट होते हैं जो इन दो प्रकार की संपत्ति के अधिग्रहण और निपटान आदि को नियंत्रित और विनियमित करते हैं। संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम, 1882 अचल संपत्ति के हस्तांतरण को नियंत्रित करता है और माल की बिक्री अधिनियम, 1930 चल संपत्ति के हस्तांतरण को नियंत्रित करता है।

संपत्ति अधिकार का कानून क्या है?

किसी भी व्यक्ति को कानून के अधिकार के बिना उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। यह अनुच्छेद राज्य पर प्रतिबंध लगाता है कि वह कानून के बल के बिना किसी की संपत्ति नहीं ले सकता, साथ ही कानून के बल से उसे वंचित भी किया जा सकता है।

संपत्ति कितने प्रकार की होती है?

चल संपत्ति
अचल संपत्ति
मूर्त संपत्ति
अमूर्त संपत्ति
सार्वजनिक संपत्ति
निजी संपत्ति
अचल संपत्ति

क्या संपत्ति एक कानूनी अधिकार है?

हाँ, संपत्ति का अधिकार भारतीय संविधान के भाग XII में अनुच्छेद 300-ए के तहत कानूनी है।

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